दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, गुरु, 11 मई 2034
गुरु, 11 मई 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:21 पर और सूर्यास्त शाम 6:44 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अष्टमी है, जो तड़के 4:07 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो सुबह 10:40 तक रहेगा। योग शुभ और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:43 – दोपहर 3:23 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:21
- सूर्यास्त
- शाम 6:44
- तिथि
- अष्टमी · तड़के 4:07 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · सुबह 10:40 तक
- योग
- शुभ
- करण
- बालव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:43 – दोपहर 3:23
- यमगंड
- तड़के 5:21 – सुबह 7:01
- गुलिक काल
- सुबह 8:41 – सुबह 10:22
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
- अमृत काल
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:52
आज लखनऊ में
गुरु, 11 मई 2034 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:21 पर और सूर्यास्त शाम 6:44 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अष्टमी है, जो तड़के 4:07 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो सुबह 10:40 तक रहेगा। योग शुभ और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:43 – दोपहर 3:23 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 12 मई 2034 | नवमी | धनिष्ठा | सुबह 10:22 – दोपहर 12:02 |
| शनि, 13 मई 2034 | दशमी | शतभिषा | सुबह 8:41 – सुबह 10:22 |
| रवि, 14 मई 2034 | एकादशी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 5:05 – शाम 6:46 |
| सोम, 15 मई 2034 | द्वादशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 6:59 – सुबह 8:40 |
| मंगल, 16 मई 2034 | त्रयोदशी | अश्विनी | दोपहर 3:24 – शाम 5:06 |
| बुध, 17 मई 2034 | चतुर्दशी | भरणी | दोपहर 12:02 – दोपहर 1:44 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 11 मई 2034 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; तड़के 4:07 तक।
गुरु, 11 मई 2034 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; सुबह 10:40 तक।
गुरु, 11 मई 2034 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:43 – दोपहर 3:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 11 मई 2034 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:21 और सूर्यास्त शाम 6:44 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।