दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, शनि, 2 अप्रैल 2033
शनि, 2 अप्रैल 2033 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:55 पर और सूर्यास्त शाम 6:23 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि तृतीया है, जो दोपहर 1:30 तक रहेगी, और नक्षत्र भरणी है, जो शाम 4:59 तक रहेगा। योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:36 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:55
- सूर्यास्त
- शाम 6:23
- तिथि
- तृतीया · दोपहर 1:30 तक
- नक्षत्र
- भरणी · शाम 4:59 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:02 – सुबह 10:36
- यमगंड
- दोपहर 1:43 – दोपहर 3:16
- गुलिक काल
- तड़के 5:55 – सुबह 7:29
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- दोपहर 2:30 – शाम 4:03
आज लखनऊ में
शनि, 2 अप्रैल 2033 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:55 पर और सूर्यास्त शाम 6:23 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि तृतीया है, जो दोपहर 1:30 तक रहेगी, और नक्षत्र भरणी है, जो शाम 4:59 तक रहेगा। योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:36 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 3 अप्रैल 2033 | चतुर्थी | कृत्तिका | शाम 4:50 – शाम 6:24 |
| सोम, 4 अप्रैल 2033 | पंचमी | रोहिणी | सुबह 7:27 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 5 अप्रैल 2033 | षष्ठी | मृगशिरा | दोपहर 3:17 – शाम 4:51 |
| बुध, 6 अप्रैल 2033 | सप्तमी | आर्द्रा | दोपहर 12:08 – दोपहर 1:43 |
| गुरु, 7 अप्रैल 2033 | अष्टमी | पुनर्वसु | दोपहर 1:43 – दोपहर 3:17 |
| शुक्र, 8 अप्रैल 2033 | नवमी | पुष्य | सुबह 10:33 – दोपहर 12:08 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 2 अप्रैल 2033 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; दोपहर 1:30 तक।
शनि, 2 अप्रैल 2033 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; शाम 4:59 तक।
शनि, 2 अप्रैल 2033 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 2 अप्रैल 2033 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:55 और सूर्यास्त शाम 6:23 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।