दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, रवि, 27 फ़रवरी 2033
रवि, 27 फ़रवरी 2033 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:32 पर और सूर्यास्त शाम 6:06 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो रात 9:08 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो रात 12:48 तक रहेगा। योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल शाम 4:39 – शाम 6:06 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:32
- सूर्यास्त
- शाम 6:06
- तिथि
- त्रयोदशी · रात 9:08 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · रात 12:48 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- गर
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:39 – शाम 6:06
- यमगंड
- दोपहर 12:19 – दोपहर 1:45
- गुलिक काल
- दोपहर 3:12 – शाम 4:39
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- दोपहर 1:02 – दोपहर 2:29
आज लखनऊ में
रवि, 27 फ़रवरी 2033 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:32 पर और सूर्यास्त शाम 6:06 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि त्रयोदशी है, जो रात 9:08 तक रहेगी, और नक्षत्र श्रवण है, जो रात 12:48 तक रहेगा। योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल शाम 4:39 – शाम 6:06 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 28 फ़रवरी 2033 | चतुर्दशी | धनिष्ठा | सुबह 7:58 – सुबह 9:24 |
| मंगल, 1 मार्च 2033 | अमावस्या | शतभिषा | दोपहर 3:12 – शाम 4:40 |
| बुध, 2 मार्च 2033 | प्रतिपदा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 12:18 – दोपहर 1:45 |
| गुरु, 3 मार्च 2033 | द्वितीया | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:45 – दोपहर 3:13 |
| शुक्र, 4 मार्च 2033 | चतुर्थी | रेवती | सुबह 10:50 – दोपहर 12:18 |
| शनि, 5 मार्च 2033 | पंचमी | अश्विनी | सुबह 9:21 – सुबह 10:49 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 27 फ़रवरी 2033 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 9:08 तक।
रवि, 27 फ़रवरी 2033 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 12:48 तक।
रवि, 27 फ़रवरी 2033 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल शाम 4:39 – शाम 6:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 27 फ़रवरी 2033 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।