दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, गुरु, 7 अक्टूबर 2032
गुरु, 7 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र स्वाती, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:21 – दोपहर 2:49 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:01
- सूर्यास्त
- शाम 5:45
- तिथि
- तृतीया · रात 11:06 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · सुबह 10:19 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:21 – दोपहर 2:49
- यमगंड
- सुबह 6:01 – सुबह 7:29
- गुलिक काल
- सुबह 8:57 – सुबह 10:25
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:24 – दोपहर 12:12
- अमृत काल
- सुबह 11:09 – दोपहर 12:37
आज लखनऊ में
गुरु, 7 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र स्वाती, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:21 – दोपहर 2:49 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 8 अक्टूबर 2032 | चतुर्थी | विशाखा | सुबह 10:25 – सुबह 11:53 |
| शनि, 9 अक्टूबर 2032 | पंचमी | अनुराधा | सुबह 8:57 – सुबह 10:25 |
| रवि, 10 अक्टूबर 2032 | षष्ठी | ज्येष्ठा | शाम 4:15 – शाम 5:42 |
| सोम, 11 अक्टूबर 2032 | सप्तमी | मूल | सुबह 7:30 – सुबह 8:58 |
| मंगल, 12 अक्टूबर 2032 | अष्टमी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 2:46 – शाम 4:13 |
| बुध, 13 अक्टूबर 2032 | नवमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 11:52 – दोपहर 1:19 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 7 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 11:06 तक।
गुरु, 7 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 10:19 तक।
गुरु, 7 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:21 – दोपहर 2:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 7 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त शाम 5:45 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।