सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, मंगल, 13 जनवरी 2032

मंगल, 13 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग व्याघात और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 2:53 – शाम 4:13 है।

सूर्योदय
सुबह 6:56
सूर्यास्त
शाम 5:32
तिथि
प्रतिपदा · रात 9:45 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · रात 8:36 तक
योग
व्याघात
करण
किंस्तुघ्न
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:53 – शाम 4:13
यमगंड
सुबह 9:35 – सुबह 10:55
गुलिक काल
दोपहर 12:14 – दोपहर 1:34
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
अमृत काल
सुबह 8:55 – सुबह 10:15

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

मंगल, 13 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग व्याघात और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 2:53 – शाम 4:13 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 14 जनवरी 2032द्वितीयाश्रवणदोपहर 12:15 – दोपहर 1:34
गुरु, 15 जनवरी 2032तृतीयाधनिष्ठादोपहर 1:35 – दोपहर 2:54
शुक्र, 16 जनवरी 2032चतुर्थीशतभिषासुबह 10:55 – दोपहर 12:15
शनि, 17 जनवरी 2032पंचमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 9:36 – सुबह 10:56
रवि, 18 जनवरी 2032षष्ठीउत्तरा भाद्रपदशाम 4:16 – शाम 5:36
सोम, 19 जनवरी 2032सप्तमीरेवतीसुबह 8:16 – सुबह 9:36

सामान्य प्रश्न

मंगल, 13 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 9:45 तक।

मंगल, 13 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 8:36 तक।

मंगल, 13 जनवरी 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 2:53 – शाम 4:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 13 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:56 और सूर्यास्त शाम 5:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।