सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शुक्र, 16 जनवरी 2032

शुक्र, 16 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र शतभिषा, योग व्यतीपात और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:15 है।

सूर्योदय
सुबह 6:56
सूर्यास्त
शाम 5:35
तिथि
चतुर्थी · सुबह 11:17 तक
नक्षत्र
शतभिषा · दोपहर 12:23 तक
योग
व्यतीपात
करण
विष्टि
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:55 – दोपहर 12:15
यमगंड
दोपहर 2:55 – शाम 4:15
गुलिक काल
सुबह 8:16 – सुबह 9:36
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
दोपहर 12:55 – दोपहर 2:15

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

शुक्र, 16 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र शतभिषा, योग व्यतीपात और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:15 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 17 जनवरी 2032पंचमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 9:36 – सुबह 10:56
रवि, 18 जनवरी 2032षष्ठीउत्तरा भाद्रपदशाम 4:16 – शाम 5:36
सोम, 19 जनवरी 2032सप्तमीरेवतीसुबह 8:16 – सुबह 9:36
मंगल, 20 जनवरी 2032अष्टमीअश्विनीदोपहर 2:57 – शाम 4:18
बुध, 21 जनवरी 2032नवमीभरणीदोपहर 12:17 – दोपहर 1:37
गुरु, 22 जनवरी 2032दशमीकृत्तिकादोपहर 1:38 – दोपहर 2:58

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 16 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 11:17 तक।

शुक्र, 16 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; दोपहर 12:23 तक।

शुक्र, 16 जनवरी 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:15 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 16 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:56 और सूर्यास्त शाम 5:35 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।