दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, बुध, 2 जुलाई 2031
बुध, 2 जुलाई 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र अनुराधा, योग सिद्ध और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:53 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:16
- सूर्यास्त
- रात 7:04
- तिथि
- द्वादशी · सुबह 11:13 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · रात 10:14 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- बालव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:10 – दोपहर 1:53
- यमगंड
- सुबह 6:59 – सुबह 8:43
- गुलिक काल
- सुबह 10:26 – दोपहर 12:10
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
- अमृत काल
- सुबह 9:34 – सुबह 11:18
आज लखनऊ में
बुध, 2 जुलाई 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र अनुराधा, योग सिद्ध और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:53 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 3 जुलाई 2031 | त्रयोदशी | ज्येष्ठा | दोपहर 1:53 – दोपहर 3:37 |
| शुक्र, 4 जुलाई 2031 | पूर्णिमा | मूल | सुबह 10:27 – दोपहर 12:10 |
| शनि, 5 जुलाई 2031 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 8:44 – सुबह 10:27 |
| रवि, 6 जुलाई 2031 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | शाम 5:20 – रात 7:03 |
| सोम, 7 जुलाई 2031 | तृतीया | श्रवण | सुबह 7:01 – सुबह 8:44 |
| मंगल, 8 जुलाई 2031 | चतुर्थी | धनिष्ठा | दोपहर 3:37 – शाम 5:20 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 2 जुलाई 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 11:13 तक।
बुध, 2 जुलाई 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; रात 10:14 तक।
बुध, 2 जुलाई 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 2 जुलाई 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:16 और सूर्यास्त रात 7:04 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।