दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, रवि, 6 जुलाई 2031
रवि, 6 जुलाई 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:20 – रात 7:03 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:17
- सूर्यास्त
- रात 7:03
- तिथि
- द्वितीया · शाम 4:50 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · सुबह 10:36 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- तैतिल
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:20 – रात 7:03
- यमगंड
- दोपहर 12:10 – दोपहर 1:54
- गुलिक काल
- दोपहर 3:37 – शाम 5:20
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
- अमृत काल
- दोपहर 1:02 – दोपहर 2:45
आज लखनऊ में
रवि, 6 जुलाई 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:20 – रात 7:03 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 7 जुलाई 2031 | तृतीया | श्रवण | सुबह 7:01 – सुबह 8:44 |
| मंगल, 8 जुलाई 2031 | चतुर्थी | धनिष्ठा | दोपहर 3:37 – शाम 5:20 |
| बुध, 9 जुलाई 2031 | पंचमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 12:11 – दोपहर 1:54 |
| गुरु, 10 जुलाई 2031 | षष्ठी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:54 – दोपहर 3:37 |
| शुक्र, 11 जुलाई 2031 | अष्टमी | रेवती | सुबह 10:28 – दोपहर 12:11 |
| शनि, 12 जुलाई 2031 | नवमी | अश्विनी | सुबह 8:46 – सुबह 10:28 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 6 जुलाई 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; शाम 4:50 तक।
रवि, 6 जुलाई 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; सुबह 10:36 तक।
रवि, 6 जुलाई 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल शाम 5:20 – रात 7:03 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 6 जुलाई 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:17 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।