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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 28 जून 2031

शनि, 28 जून 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र हस्त, योग व्यतीपात और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:42 – सुबह 10:25 है।

सूर्योदय
तड़के 5:14
सूर्यास्त
रात 7:03
तिथि
अष्टमी · शाम 5:49 तक
नक्षत्र
हस्त · रात 2:57 तक
योग
व्यतीपात
करण
विष्टि
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:42 – सुबह 10:25
यमगंड
दोपहर 1:53 – दोपहर 3:36
गुलिक काल
तड़के 5:14 – सुबह 6:58
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
अमृत काल
दोपहर 2:44 – शाम 4:28

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आज लखनऊ में

शनि, 28 जून 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र हस्त, योग व्यतीपात और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:42 – सुबह 10:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 29 जून 2031नवमीचित्राशाम 5:20 – रात 7:04
सोम, 30 जून 2031दशमीस्वातीसुबह 6:59 – सुबह 8:42
मंगल, 1 जुलाई 2031एकादशीविशाखादोपहर 3:37 – शाम 5:20
बुध, 2 जुलाई 2031द्वादशीअनुराधादोपहर 12:10 – दोपहर 1:53
गुरु, 3 जुलाई 2031त्रयोदशीज्येष्ठादोपहर 1:53 – दोपहर 3:37
शुक्र, 4 जुलाई 2031पूर्णिमामूलसुबह 10:27 – दोपहर 12:10

सामान्य प्रश्न

शनि, 28 जून 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 5:49 तक।

शनि, 28 जून 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 2:57 तक।

शनि, 28 जून 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 8:42 – सुबह 10:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 28 जून 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:14 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।