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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शुक्र, 10 जनवरी 2031

शुक्र, 10 जनवरी 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुष्य, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:54 – दोपहर 12:13 है।

सूर्योदय
सुबह 6:56
सूर्यास्त
शाम 5:30
तिथि
द्वितीया · रात 3:58 तक
नक्षत्र
पुष्य · रात 9:02 तक
योग
Vishkumbha
करण
तैतिल
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:54 – दोपहर 12:13
यमगंड
दोपहर 2:52 – शाम 4:11
गुलिक काल
सुबह 8:15 – सुबह 9:35
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
अमृत काल
दोपहर 12:53 – दोपहर 2:12

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आज लखनऊ में

शुक्र, 10 जनवरी 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुष्य, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:54 – दोपहर 12:13 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 11 जनवरी 2031तृतीयाआश्लेषासुबह 9:35 – सुबह 10:54
रवि, 12 जनवरी 2031चतुर्थीमघाशाम 4:12 – शाम 5:32
सोम, 13 जनवरी 2031चतुर्थीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 8:16 – सुबह 9:35
मंगल, 14 जनवरी 2031पंचमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 2:54 – शाम 4:14
बुध, 15 जनवरी 2031षष्ठीहस्तदोपहर 12:15 – दोपहर 1:35
गुरु, 16 जनवरी 2031सप्तमीचित्रादोपहर 1:35 – दोपहर 2:55

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 10 जनवरी 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 3:58 तक।

शुक्र, 10 जनवरी 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; रात 9:02 तक।

शुक्र, 10 जनवरी 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 10:54 – दोपहर 12:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 10 जनवरी 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:56 और सूर्यास्त शाम 5:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।