दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, सोम, 4 मार्च 2030
सोम, 4 मार्च 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:27 पर और सूर्यास्त शाम 6:08 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या है, जो दोपहर 12:04 तक रहेगी, और नक्षत्र शतभिषा है, जो दोपहर 1:06 तक रहेगा। योग शिव और करण नाग है। राहु काल सुबह 7:55 – सुबह 9:22 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:27
- सूर्यास्त
- शाम 6:08
- तिथि
- अमावस्या · दोपहर 12:04 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा · दोपहर 1:06 तक
- योग
- शिव
- करण
- नाग
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:55 – सुबह 9:22
- यमगंड
- सुबह 10:50 – दोपहर 12:18
- गुलिक काल
- दोपहर 1:45 – दोपहर 3:13
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- सुबह 7:11 – सुबह 8:38
आज लखनऊ में
सोम, 4 मार्च 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:27 पर और सूर्यास्त शाम 6:08 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या है, जो दोपहर 12:04 तक रहेगी, और नक्षत्र शतभिषा है, जो दोपहर 1:06 तक रहेगा। योग शिव और करण नाग है। राहु काल सुबह 7:55 – सुबह 9:22 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 5 मार्च 2030 | प्रतिपदा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 3:13 – शाम 4:41 |
| बुध, 6 मार्च 2030 | द्वितीया | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 12:17 – दोपहर 1:45 |
| गुरु, 7 मार्च 2030 | तृतीया | रेवती | दोपहर 1:45 – दोपहर 3:13 |
| शुक्र, 8 मार्च 2030 | चतुर्थी | अश्विनी | सुबह 10:48 – दोपहर 12:17 |
| शनि, 9 मार्च 2030 | पंचमी | भरणी | सुबह 9:19 – सुबह 10:48 |
| रवि, 10 मार्च 2030 | षष्ठी | कृत्तिका | शाम 4:43 – शाम 6:12 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 4 मार्च 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; दोपहर 12:04 तक।
सोम, 4 मार्च 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; दोपहर 1:06 तक।
सोम, 4 मार्च 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल सुबह 7:55 – सुबह 9:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 4 मार्च 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 6:08 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।