दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, सोम, 2 अक्टूबर 2034
सोम, 2 अक्टूबर 2034 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:28 पर और सूर्यास्त शाम 5:23 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पंचमी है, जो शाम 5:14 तक रहेगी, और नक्षत्र कृत्तिका है, जो सुबह 8:59 तक रहेगा। योग वज्र और करण कौलव है। राहु काल सुबह 6:57 – सुबह 8:27 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:28
- सूर्यास्त
- शाम 5:23
- तिथि
- पंचमी · शाम 5:14 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · सुबह 8:59 तक
- योग
- वज्र
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 6:57 – सुबह 8:27
- यमगंड
- सुबह 9:56 – सुबह 11:25
- गुलिक काल
- दोपहर 12:55 – दोपहर 2:24
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:55 – सुबह 11:43
- अमृत काल
- सुबह 6:12 – सुबह 7:42
आज कोलकाता में
सोम, 2 अक्टूबर 2034 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:28 पर और सूर्यास्त शाम 5:23 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि पंचमी है, जो शाम 5:14 तक रहेगी, और नक्षत्र कृत्तिका है, जो सुबह 8:59 तक रहेगा। योग वज्र और करण कौलव है। राहु काल सुबह 6:57 – सुबह 8:27 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 3 अक्टूबर 2034 | षष्ठी | रोहिणी | दोपहर 2:23 – दोपहर 3:53 |
| बुध, 4 अक्टूबर 2034 | सप्तमी | आर्द्रा | सुबह 11:25 – दोपहर 12:54 |
| गुरु, 5 अक्टूबर 2034 | अष्टमी | पुनर्वसु | दोपहर 12:53 – दोपहर 2:22 |
| शुक्र, 6 अक्टूबर 2034 | नवमी | पुष्य | सुबह 9:55 – सुबह 11:24 |
| शनि, 7 अक्टूबर 2034 | दशमी | आश्लेषा | सुबह 8:27 – सुबह 9:55 |
| रवि, 8 अक्टूबर 2034 | एकादशी | मघा | दोपहर 3:49 – शाम 5:17 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 2 अक्टूबर 2034 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; शाम 5:14 तक।
सोम, 2 अक्टूबर 2034 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 8:59 तक।
सोम, 2 अक्टूबर 2034 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल सुबह 6:57 – सुबह 8:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 2 अक्टूबर 2034 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:28 और सूर्यास्त शाम 5:23 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।