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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, मंगल, 10 जून 2031

मंगल, 10 जून 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:39 है।

सूर्योदय
तड़के 4:51
सूर्यास्त
शाम 6:20
तिथि
षष्ठी · रात 10:12 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · रात 9:04 तक
योग
इन्द्र
करण
गर
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:58 – शाम 4:39
यमगंड
सुबह 8:13 – सुबह 9:54
गुलिक काल
सुबह 11:35 – दोपहर 1:17
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:02 – सुबह 11:50
अमृत काल
सुबह 7:23 – सुबह 9:04

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आज कोलकाता में

मंगल, 10 जून 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:39 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 11 जून 2031सप्तमीशतभिषासुबह 11:36 – दोपहर 1:17
गुरु, 12 जून 2031अष्टमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 1:17 – दोपहर 2:58
शुक्र, 13 जून 2031नवमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 9:55 – सुबह 11:36
शनि, 14 जून 2031दशमीरेवतीसुबह 8:14 – सुबह 9:55
रवि, 15 जून 2031एकादशीअश्विनीशाम 4:40 – शाम 6:22
सोम, 16 जून 2031द्वादशीभरणीसुबह 6:33 – सुबह 8:14

सामान्य प्रश्न

मंगल, 10 जून 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 10:12 तक।

मंगल, 10 जून 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 9:04 तक।

मंगल, 10 जून 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:58 – शाम 4:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 10 जून 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:51 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।