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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, शुक्र, 13 जून 2031

शुक्र, 13 जून 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:36 है।

सूर्योदय
तड़के 4:51
सूर्यास्त
शाम 6:21
तिथि
नवमी · रात 7:01 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद · रात 8:07 तक
योग
प्रीति
करण
तैतिल
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 9:55 – सुबह 11:36
यमगंड
दोपहर 2:59 – शाम 4:40
गुलिक काल
सुबह 6:32 – सुबह 8:14
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:02 – सुबह 11:50
अमृत काल
दोपहर 12:27 – दोपहर 2:08

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आज कोलकाता में

शुक्र, 13 जून 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग प्रीति और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:36 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 14 जून 2031दशमीरेवतीसुबह 8:14 – सुबह 9:55
रवि, 15 जून 2031एकादशीअश्विनीशाम 4:40 – शाम 6:22
सोम, 16 जून 2031द्वादशीभरणीसुबह 6:33 – सुबह 8:14
मंगल, 17 जून 2031त्रयोदशीकृत्तिकादोपहर 3:00 – शाम 4:41
बुध, 18 जून 2031चतुर्दशीरोहिणीसुबह 11:37 – दोपहर 1:19
गुरु, 19 जून 2031अमावस्यारोहिणीदोपहर 1:19 – दोपहर 3:00

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 13 जून 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 7:01 तक।

शुक्र, 13 जून 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; रात 8:07 तक।

शुक्र, 13 जून 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 9:55 – सुबह 11:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 13 जून 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:51 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।