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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, मंगल, 3 दिसंबर 2030

मंगल, 3 दिसंबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग हर्षण और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:08 – दोपहर 3:30 है।

सूर्योदय
सुबह 6:01
सूर्यास्त
शाम 4:51
तिथि
नवमी · शाम 4:27 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · दोपहर 1:16 तक
योग
हर्षण
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:08 – दोपहर 3:30
यमगंड
सुबह 8:43 – सुबह 10:04
गुलिक काल
सुबह 11:26 – दोपहर 12:47
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 10:59 – सुबह 11:47
अमृत काल
सुबह 8:02 – सुबह 9:24

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आज कोलकाता में

मंगल, 3 दिसंबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग हर्षण और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:08 – दोपहर 3:30 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 4 दिसंबर 2030दशमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 11:26 – दोपहर 12:47
गुरु, 5 दिसंबर 2030एकादशीरेवतीदोपहर 12:48 – दोपहर 2:09
शुक्र, 6 दिसंबर 2030द्वादशीअश्विनीसुबह 10:06 – सुबह 11:27
शनि, 7 दिसंबर 2030त्रयोदशीभरणीसुबह 8:45 – सुबह 10:06
रवि, 8 दिसंबर 2030चतुर्दशीकृत्तिकादोपहर 3:31 – शाम 4:52
सोम, 9 दिसंबर 2030पूर्णिमारोहिणीसुबह 7:25 – सुबह 8:46

सामान्य प्रश्न

मंगल, 3 दिसंबर 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; शाम 4:27 तक।

मंगल, 3 दिसंबर 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; दोपहर 1:16 तक।

मंगल, 3 दिसंबर 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:08 – दोपहर 3:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 3 दिसंबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त शाम 4:51 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।