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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, सोम, 7 अक्टूबर 2030

सोम, 7 अक्टूबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 6:58 – सुबह 8:27 है।

सूर्योदय
तड़के 5:29
सूर्यास्त
शाम 5:18
तिथि
एकादशी · शाम 4:31 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · रात 1:00 तक
योग
सुकर्मा
करण
विष्टि
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 6:58 – सुबह 8:27
यमगंड
सुबह 9:55 – सुबह 11:24
गुलिक काल
दोपहर 12:52 – दोपहर 2:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 10:54 – सुबह 11:42
अमृत काल
सुबह 6:14 – सुबह 7:42

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आज कोलकाता में

सोम, 7 अक्टूबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 6:58 – सुबह 8:27 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 8 अक्टूबर 2030द्वादशीशतभिषादोपहर 2:20 – दोपहर 3:49
बुध, 9 अक्टूबर 2030त्रयोदशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:23 – दोपहर 12:51
गुरु, 10 अक्टूबर 2030चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपददोपहर 12:51 – दोपहर 2:19
शुक्र, 11 अक्टूबर 2030पूर्णिमारेवतीसुबह 9:55 – सुबह 11:23
शनि, 12 अक्टूबर 2030प्रतिपदाअश्विनीसुबह 8:27 – सुबह 9:55
रवि, 13 अक्टूबर 2030द्वितीयाअश्विनीदोपहर 3:45 – शाम 5:13

सामान्य प्रश्न

सोम, 7 अक्टूबर 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 4:31 तक।

सोम, 7 अक्टूबर 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 1:00 तक।

सोम, 7 अक्टूबर 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 6:58 – सुबह 8:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 7 अक्टूबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:29 और सूर्यास्त शाम 5:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।