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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, गुरु, 13 जून 2030

गुरु, 13 जून 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र स्वाती, योग परिघ और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:17 – दोपहर 2:59 है।

सूर्योदय
तड़के 4:51
सूर्यास्त
शाम 6:21
तिथि
द्वादशी · सुबह 10:57 तक
नक्षत्र
स्वाती · सुबह 7:43 तक
योग
परिघ
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:17 – दोपहर 2:59
यमगंड
तड़के 4:51 – सुबह 6:32
गुलिक काल
सुबह 8:14 – सुबह 9:55
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:02 – सुबह 11:50
अमृत काल
सुबह 10:46 – दोपहर 12:27

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आज कोलकाता में

गुरु, 13 जून 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र स्वाती, योग परिघ और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:17 – दोपहर 2:59 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 14 जून 2030त्रयोदशीअनुराधासुबह 9:55 – सुबह 11:36
शनि, 15 जून 2030पूर्णिमाज्येष्ठासुबह 8:14 – सुबह 9:55
रवि, 16 जून 2030प्रतिपदामूलशाम 4:41 – शाम 6:22
सोम, 17 जून 2030द्वितीयापूर्वाषाढ़ासुबह 6:33 – सुबह 8:14
मंगल, 18 जून 2030तृतीयाउत्तराषाढ़ादोपहर 3:00 – शाम 4:41
बुध, 19 जून 2030चतुर्थीश्रवणसुबह 11:37 – दोपहर 1:19

सामान्य प्रश्न

गुरु, 13 जून 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 10:57 तक।

गुरु, 13 जून 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 7:43 तक।

गुरु, 13 जून 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 1:17 – दोपहर 2:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 13 जून 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:51 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।