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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, मंगल, 15 जनवरी 2030

मंगल, 15 जनवरी 2030 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:29 – दोपहर 3:51 है।

सूर्योदय
सुबह 6:18
सूर्यास्त
शाम 5:13
तिथि
एकादशी · शाम 4:30 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · सुबह 10:22 तक
योग
शुभ
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:29 – दोपहर 3:51
यमगंड
सुबह 9:02 – सुबह 10:24
गुलिक काल
सुबह 11:45 – दोपहर 1:07
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:18 – दोपहर 12:06
अमृत काल
सुबह 8:21 – सुबह 9:43

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आज कोलकाता में

मंगल, 15 जनवरी 2030 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:29 – दोपहर 3:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 16 जनवरी 2030द्वादशीरोहिणीसुबह 11:46 – दोपहर 1:08
गुरु, 17 जनवरी 2030त्रयोदशीमृगशिरादोपहर 1:08 – दोपहर 2:30
शुक्र, 18 जनवरी 2030चतुर्दशीआर्द्रासुबह 10:24 – सुबह 11:46
शनि, 19 जनवरी 2030पूर्णिमापुनर्वसुसुबह 9:02 – सुबह 10:25
रवि, 20 जनवरी 2030प्रतिपदापुष्यदोपहर 3:54 – शाम 5:16
सोम, 21 जनवरी 2030द्वितीयाआश्लेषासुबह 7:40 – सुबह 9:03

सामान्य प्रश्न

मंगल, 15 जनवरी 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 4:30 तक।

मंगल, 15 जनवरी 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 10:22 तक।

मंगल, 15 जनवरी 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:29 – दोपहर 3:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 15 जनवरी 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 5:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।