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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, बुध, 16 जनवरी 2030

बुध, 16 जनवरी 2030 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र रोहिणी, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल सुबह 11:46 – दोपहर 1:08 है।

सूर्योदय
सुबह 6:18
सूर्यास्त
शाम 5:13
तिथि
द्वादशी · शाम 6:34 तक
नक्षत्र
रोहिणी · दोपहर 12:58 तक
योग
शुक्ल
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:46 – दोपहर 1:08
यमगंड
सुबह 7:40 – सुबह 9:02
गुलिक काल
सुबह 10:24 – सुबह 11:46
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:18 – दोपहर 12:06
अमृत काल
सुबह 9:43 – सुबह 11:05

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आज कोलकाता में

बुध, 16 जनवरी 2030 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र रोहिणी, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल सुबह 11:46 – दोपहर 1:08 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 17 जनवरी 2030त्रयोदशीमृगशिरादोपहर 1:08 – दोपहर 2:30
शुक्र, 18 जनवरी 2030चतुर्दशीआर्द्रासुबह 10:24 – सुबह 11:46
शनि, 19 जनवरी 2030पूर्णिमापुनर्वसुसुबह 9:02 – सुबह 10:25
रवि, 20 जनवरी 2030प्रतिपदापुष्यदोपहर 3:54 – शाम 5:16
सोम, 21 जनवरी 2030द्वितीयाआश्लेषासुबह 7:40 – सुबह 9:03
मंगल, 22 जनवरी 2030तृतीयामघादोपहर 2:33 – दोपहर 3:55

सामान्य प्रश्न

बुध, 16 जनवरी 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 6:34 तक।

बुध, 16 जनवरी 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; दोपहर 12:58 तक।

बुध, 16 जनवरी 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 11:46 – दोपहर 1:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 16 जनवरी 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 5:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।