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दैनिक पंचांग

कोच्चि पंचांग, मंगल, 29 मई 2029

मंगल, 29 मई 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र मूल, योग सिद्ध और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:32 – शाम 5:07 है।

सूर्योदय
सुबह 6:02
सूर्यास्त
शाम 6:42
तिथि
द्वितीया · रात 7:02 तक
नक्षत्र
मूल · रात 3:51 तक
योग
सिद्ध
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:32 – शाम 5:07
यमगंड
सुबह 9:12 – सुबह 10:47
गुलिक काल
दोपहर 12:22 – दोपहर 1:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
सुबह 8:25 – सुबह 10:00

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आज कोच्चि में

मंगल, 29 मई 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र मूल, योग सिद्ध और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:32 – शाम 5:07 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोच्चि – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 30 मई 2029तृतीयापूर्वाषाढ़ादोपहर 12:22 – दोपहर 1:57
गुरु, 31 मई 2029चतुर्थीउत्तराषाढ़ादोपहर 1:57 – दोपहर 3:32
शुक्र, 1 जून 2029पंचमीश्रवणसुबह 10:47 – दोपहर 12:22
शनि, 2 जून 2029षष्ठीधनिष्ठासुबह 9:12 – सुबह 10:47
रवि, 3 जून 2029सप्तमीधनिष्ठाशाम 5:08 – शाम 6:43
सोम, 4 जून 2029अष्टमीशतभिषासुबह 7:38 – सुबह 9:13

सामान्य प्रश्न

मंगल, 29 मई 2029 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 7:02 तक।

मंगल, 29 मई 2029 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; रात 3:51 तक।

मंगल, 29 मई 2029 को कोच्चि में राहु काल कब है?

कोच्चि में राहु काल दोपहर 3:32 – शाम 5:07 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 29 मई 2029 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।