दैनिक पंचांग
कोच्चि पंचांग, रवि, 3 जून 2029
रवि, 3 जून 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल शाम 5:08 – शाम 6:43 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:43
- तिथि
- सप्तमी · शाम 5:59 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · तड़के 5:43 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:08 – शाम 6:43
- यमगंड
- दोपहर 12:23 – दोपहर 1:58
- गुलिक काल
- दोपहर 3:33 – शाम 5:08
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- दोपहर 1:10 – दोपहर 2:45
आज कोच्चि में
रवि, 3 जून 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल शाम 5:08 – शाम 6:43 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 4 जून 2029 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 7:38 – सुबह 9:13 |
| मंगल, 5 जून 2029 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 3:33 – शाम 5:08 |
| बुध, 6 जून 2029 | दशमी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 12:23 – दोपहर 1:58 |
| गुरु, 7 जून 2029 | एकादशी | रेवती | दोपहर 1:58 – दोपहर 3:34 |
| शुक्र, 8 जून 2029 | द्वादशी | अश्विनी | सुबह 10:48 – दोपहर 12:24 |
| शनि, 9 जून 2029 | त्रयोदशी | भरणी | सुबह 9:13 – सुबह 10:49 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 3 जून 2029 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 5:59 तक।
रवि, 3 जून 2029 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; तड़के 5:43 तक।
रवि, 3 जून 2029 को कोच्चि में राहु काल कब है?
कोच्चि में राहु काल शाम 5:08 – शाम 6:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 3 जून 2029 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 6:43 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।