दैनिक पंचांग
कोच्चि पंचांग, रवि, 27 मई 2029
रवि, 27 मई 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र विशाखा, योग वरीयान और करण विष्टि है। राहु काल शाम 5:06 – शाम 6:41 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:41
- तिथि
- पूर्णिमा · रात 12:07 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · सुबह 9:13 तक
- योग
- वरीयान
- करण
- विष्टि
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:06 – शाम 6:41
- यमगंड
- दोपहर 12:22 – दोपहर 1:56
- गुलिक काल
- दोपहर 3:31 – शाम 5:06
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- दोपहर 1:09 – दोपहर 2:44
आज कोच्चि में
रवि, 27 मई 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र विशाखा, योग वरीयान और करण विष्टि है। राहु काल शाम 5:06 – शाम 6:41 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 28 मई 2029 | प्रतिपदा | अनुराधा | सुबह 7:37 – सुबह 9:12 |
| मंगल, 29 मई 2029 | द्वितीया | मूल | दोपहर 3:32 – शाम 5:07 |
| बुध, 30 मई 2029 | तृतीया | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:57 |
| गुरु, 31 मई 2029 | चतुर्थी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:57 – दोपहर 3:32 |
| शुक्र, 1 जून 2029 | पंचमी | श्रवण | सुबह 10:47 – दोपहर 12:22 |
| शनि, 2 जून 2029 | षष्ठी | धनिष्ठा | सुबह 9:12 – सुबह 10:47 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 27 मई 2029 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 12:07 तक।
रवि, 27 मई 2029 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; सुबह 9:13 तक।
रवि, 27 मई 2029 को कोच्चि में राहु काल कब है?
कोच्चि में राहु काल शाम 5:06 – शाम 6:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 27 मई 2029 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 6:41 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।