दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, रवि, 24 नवंबर 2030
रवि, 24 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र स्वाती, योग सौभाग्य और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:15 – शाम 5:39 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:25
- सूर्यास्त
- शाम 5:39
- तिथि
- चतुर्दशी · दोपहर 3:49 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · सुबह 6:23 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- विष्टि
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:15 – शाम 5:39
- यमगंड
- दोपहर 12:02 – दोपहर 1:26
- गुलिक काल
- दोपहर 2:51 – शाम 4:15
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
- अमृत काल
- दोपहर 12:44 – दोपहर 2:08
आज हैदराबाद में
रवि, 24 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र स्वाती, योग सौभाग्य और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:15 – शाम 5:39 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 25 नवंबर 2030 | अमावस्या | अनुराधा | सुबह 7:50 – सुबह 9:14 |
| मंगल, 26 नवंबर 2030 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | दोपहर 2:51 – शाम 4:15 |
| बुध, 27 नवंबर 2030 | तृतीया | मूल | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:27 |
| गुरु, 28 नवंबर 2030 | चतुर्थी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:27 – दोपहर 2:51 |
| शुक्र, 29 नवंबर 2030 | पंचमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:40 – दोपहर 12:04 |
| शनि, 30 नवंबर 2030 | षष्ठी | श्रवण | सुबह 9:16 – सुबह 10:40 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 24 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; दोपहर 3:49 तक।
रवि, 24 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 6:23 तक।
रवि, 24 नवंबर 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल शाम 4:15 – शाम 5:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 24 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 5:39 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।