सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, शुक्र, 29 नवंबर 2030

शुक्र, 29 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग गण्ड और करण बव है। राहु काल सुबह 10:40 – दोपहर 12:04 है।

सूर्योदय
सुबह 6:28
सूर्यास्त
शाम 5:39
तिथि
पंचमी · रात 8:00 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · दोपहर 2:45 तक
योग
गण्ड
करण
बव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:40 – दोपहर 12:04
यमगंड
दोपहर 2:51 – शाम 4:15
गुलिक काल
सुबह 7:52 – सुबह 9:16
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
दोपहर 12:46 – दोपहर 2:10

पूरा पंचांग खोलें

आज हैदराबाद में

शुक्र, 29 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग गण्ड और करण बव है। राहु काल सुबह 10:40 – दोपहर 12:04 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 30 नवंबर 2030षष्ठीश्रवणसुबह 9:16 – सुबह 10:40
रवि, 1 दिसंबर 2030सप्तमीधनिष्ठाशाम 4:16 – शाम 5:40
सोम, 2 दिसंबर 2030अष्टमीशतभिषासुबह 7:54 – सुबह 9:17
मंगल, 3 दिसंबर 2030नवमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 2:53 – शाम 4:16
बुध, 4 दिसंबर 2030दशमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 12:06 – दोपहर 1:29
गुरु, 5 दिसंबर 2030एकादशीरेवतीदोपहर 1:30 – दोपहर 2:53

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 29 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 8:00 तक।

शुक्र, 29 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; दोपहर 2:45 तक।

शुक्र, 29 नवंबर 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल सुबह 10:40 – दोपहर 12:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 29 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 5:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।