दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, बुध, 20 नवंबर 2030
बुध, 20 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग इन्द्र और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:01 – दोपहर 1:26 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:23
- सूर्यास्त
- शाम 5:39
- तिथि
- दशमी · रात 1:43 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी · दोपहर 12:12 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- वणिज
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:01 – दोपहर 1:26
- यमगंड
- सुबह 7:47 – सुबह 9:12
- गुलिक काल
- सुबह 10:37 – दोपहर 12:01
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:33 – दोपहर 12:21
- अमृत काल
- सुबह 9:54 – सुबह 11:19
आज हैदराबाद में
बुध, 20 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग इन्द्र और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:01 – दोपहर 1:26 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 21 नवंबर 2030 | एकादशी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:50 |
| शुक्र, 22 नवंबर 2030 | द्वादशी | हस्त | सुबह 10:37 – दोपहर 12:02 |
| शनि, 23 नवंबर 2030 | त्रयोदशी | चित्रा | सुबह 9:13 – सुबह 10:38 |
| रवि, 24 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | स्वाती | शाम 4:15 – शाम 5:39 |
| सोम, 25 नवंबर 2030 | अमावस्या | अनुराधा | सुबह 7:50 – सुबह 9:14 |
| मंगल, 26 नवंबर 2030 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | दोपहर 2:51 – शाम 4:15 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 20 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 1:43 तक।
बुध, 20 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; दोपहर 12:12 तक।
बुध, 20 नवंबर 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल दोपहर 12:01 – दोपहर 1:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 20 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:23 और सूर्यास्त शाम 5:39 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।