सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, गुरु, 28 नवंबर 2030

गुरु, 28 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग शूल और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:30 – दोपहर 1:50 है।

सूर्योदय
तड़के 5:50
सूर्यास्त
शाम 4:30
तिथि
चतुर्थी · रात 10:33 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · शाम 4:44 तक
योग
शूल
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 12:30 – दोपहर 1:50
यमगंड
तड़के 5:50 – सुबह 7:10
गुलिक काल
सुबह 8:30 – सुबह 9:50
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 10:44 – सुबह 11:32
अमृत काल
सुबह 10:30 – सुबह 11:50

पूरा पंचांग खोलें

आज गुवाहाटी में

गुरु, 28 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग शूल और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:30 – दोपहर 1:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 29 नवंबर 2030पंचमीउत्तराषाढ़ासुबह 9:51 – सुबह 11:11
शनि, 30 नवंबर 2030षष्ठीश्रवणसुबह 8:31 – सुबह 9:51
रवि, 1 दिसंबर 2030सप्तमीधनिष्ठादोपहर 3:11 – शाम 4:30
सोम, 2 दिसंबर 2030अष्टमीशतभिषासुबह 7:13 – सुबह 8:33
मंगल, 3 दिसंबर 2030नवमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 1:51 – दोपहर 3:11
बुध, 4 दिसंबर 2030दशमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 11:13 – दोपहर 12:32

सामान्य प्रश्न

गुरु, 28 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 10:33 तक।

गुरु, 28 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; शाम 4:44 तक।

गुरु, 28 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 12:30 – दोपहर 1:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 28 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:50 और सूर्यास्त शाम 4:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।