दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, शनि, 30 नवंबर 2030
शनि, 30 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र श्रवण, योग वृद्धि और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:51 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:52
- सूर्यास्त
- शाम 4:30
- तिथि
- षष्ठी · शाम 6:03 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · दोपहर 1:22 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- कौलव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:31 – सुबह 9:51
- यमगंड
- दोपहर 12:31 – दोपहर 1:51
- गुलिक काल
- तड़के 5:52 – सुबह 7:12
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:44 – सुबह 11:32
- अमृत काल
- दोपहर 1:11 – दोपहर 2:31
आज गुवाहाटी में
शनि, 30 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र श्रवण, योग वृद्धि और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:51 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 दिसंबर 2030 | सप्तमी | धनिष्ठा | दोपहर 3:11 – शाम 4:30 |
| सोम, 2 दिसंबर 2030 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 7:13 – सुबह 8:33 |
| मंगल, 3 दिसंबर 2030 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:51 – दोपहर 3:11 |
| बुध, 4 दिसंबर 2030 | दशमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 11:13 – दोपहर 12:32 |
| गुरु, 5 दिसंबर 2030 | एकादशी | रेवती | दोपहर 12:32 – दोपहर 1:52 |
| शुक्र, 6 दिसंबर 2030 | द्वादशी | अश्विनी | सुबह 9:54 – सुबह 11:13 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 30 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 6:03 तक।
शनि, 30 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; दोपहर 1:22 तक।
शनि, 30 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 30 नवंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:52 और सूर्यास्त शाम 4:30 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।