सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, गुरु, 7 फ़रवरी 2030

गुरु, 7 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शिव और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:00 – दोपहर 2:23 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 5:10
तिथि
पंचमी · रात 11:18 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद · सुबह 7:28 तक
योग
शिव
करण
बव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:00 – दोपहर 2:23
यमगंड
सुबह 6:04 – सुबह 7:27
गुलिक काल
सुबह 8:50 – सुबह 10:14
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:09 – सुबह 11:57
अमृत काल
सुबह 10:55 – दोपहर 12:18

पूरा पंचांग खोलें

आज गुवाहाटी में

गुरु, 7 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शिव और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:00 – दोपहर 2:23 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 8 फ़रवरी 2030षष्ठीरेवतीसुबह 10:13 – सुबह 11:37
शनि, 9 फ़रवरी 2030सप्तमीअश्विनीसुबह 8:50 – सुबह 10:13
रवि, 10 फ़रवरी 2030अष्टमीभरणीदोपहर 3:48 – शाम 5:12
सोम, 11 फ़रवरी 2030अष्टमीकृत्तिकासुबह 7:25 – सुबह 8:49
मंगल, 12 फ़रवरी 2030नवमीरोहिणीदोपहर 2:25 – दोपहर 3:49
बुध, 13 फ़रवरी 2030दशमीमृगशिरासुबह 11:37 – दोपहर 1:01

सामान्य प्रश्न

गुरु, 7 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 11:18 तक।

गुरु, 7 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; सुबह 7:28 तक।

गुरु, 7 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 1:00 – दोपहर 2:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 7 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 5:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।