दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, रवि, 10 फ़रवरी 2030
रवि, 10 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र भरणी, योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:48 – शाम 5:12 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- शाम 5:12
- तिथि
- अष्टमी · सुबह 6:39 तक
- नक्षत्र
- भरणी · दोपहर 3:37 तक
- योग
- शुभ
- करण
- विष्टि
- वार
- रविवार
- राहु काल
- दोपहर 3:48 – शाम 5:12
- यमगंड
- सुबह 11:37 – दोपहर 1:01
- गुलिक काल
- दोपहर 2:24 – दोपहर 3:48
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:09 – सुबह 11:57
- अमृत काल
- दोपहर 12:19 – दोपहर 1:43
आज गुवाहाटी में
रवि, 10 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र भरणी, योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:48 – शाम 5:12 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 11 फ़रवरी 2030 | अष्टमी | कृत्तिका | सुबह 7:25 – सुबह 8:49 |
| मंगल, 12 फ़रवरी 2030 | नवमी | रोहिणी | दोपहर 2:25 – दोपहर 3:49 |
| बुध, 13 फ़रवरी 2030 | दशमी | मृगशिरा | सुबह 11:37 – दोपहर 1:01 |
| गुरु, 14 फ़रवरी 2030 | एकादशी | आर्द्रा | दोपहर 1:01 – दोपहर 2:26 |
| शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 | द्वादशी | पुनर्वसु | सुबह 10:12 – सुबह 11:37 |
| शनि, 16 फ़रवरी 2030 | त्रयोदशी | पुष्य | सुबह 8:47 – सुबह 10:12 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 10 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 6:39 तक।
रवि, 10 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; दोपहर 3:37 तक।
रवि, 10 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 3:48 – शाम 5:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 10 फ़रवरी 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।