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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, शुक्र, 28 मई 2032

शुक्र, 28 मई 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग साध्य और करण बव है। राहु काल सुबह 10:35 – दोपहर 12:18 है।

सूर्योदय
तड़के 5:24
सूर्यास्त
रात 7:12
तिथि
चतुर्थी · रात 11:02 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · दोपहर 2:47 तक
योग
साध्य
करण
बव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:35 – दोपहर 12:18
यमगंड
दोपहर 3:45 – शाम 5:29
गुलिक काल
सुबह 7:08 – सुबह 8:51
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
दोपहर 1:10 – दोपहर 2:53

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आज दिल्ली में

शुक्र, 28 मई 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग साध्य और करण बव है। राहु काल सुबह 10:35 – दोपहर 12:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 29 मई 2032पंचमीउत्तराषाढ़ासुबह 8:51 – सुबह 10:35
रवि, 30 मई 2032षष्ठीश्रवणशाम 5:29 – रात 7:13
सोम, 31 मई 2032सप्तमीधनिष्ठासुबह 7:07 – सुबह 8:51
मंगल, 1 जून 2032अष्टमीशतभिषादोपहर 3:46 – शाम 5:30
बुध, 2 जून 2032नवमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:19 – दोपहर 2:03
गुरु, 3 जून 2032दशमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 2:03 – दोपहर 3:47

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 28 मई 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 11:02 तक।

शुक्र, 28 मई 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; दोपहर 2:47 तक।

शुक्र, 28 मई 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल सुबह 10:35 – दोपहर 12:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 28 मई 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:24 और सूर्यास्त रात 7:12 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।