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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, मंगल, 1 जून 2032

मंगल, 1 जून 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र शतभिषा, योग Vishkumbha और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:46 – शाम 5:30 है।

सूर्योदय
तड़के 5:23
सूर्यास्त
रात 7:14
तिथि
अष्टमी · दोपहर 1:17 तक
नक्षत्र
शतभिषा · सुबह 8:04 तक
योग
Vishkumbha
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:46 – शाम 5:30
यमगंड
सुबह 8:51 – सुबह 10:35
गुलिक काल
दोपहर 12:19 – दोपहर 2:03
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
सुबह 7:59 – सुबह 9:43

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आज दिल्ली में

मंगल, 1 जून 2032 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र शतभिषा, योग Vishkumbha और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:46 – शाम 5:30 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 2 जून 2032नवमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:19 – दोपहर 2:03
गुरु, 3 जून 2032दशमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 2:03 – दोपहर 3:47
शुक्र, 4 जून 2032एकादशीअश्विनीसुबह 10:35 – दोपहर 12:19
शनि, 5 जून 2032द्वादशीभरणीसुबह 8:51 – सुबह 10:35
रवि, 6 जून 2032त्रयोदशीकृत्तिकाशाम 5:32 – रात 7:17
सोम, 7 जून 2032चतुर्दशीकृत्तिकासुबह 7:07 – सुबह 8:51

सामान्य प्रश्न

मंगल, 1 जून 2032 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 1:17 तक।

मंगल, 1 जून 2032 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; सुबह 8:04 तक।

मंगल, 1 जून 2032 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 3:46 – शाम 5:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 1 जून 2032 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:23 और सूर्यास्त रात 7:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।