दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, रवि, 14 दिसंबर 2031
रवि, 14 दिसंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग धृति और करण नाग है। राहु काल शाम 4:08 – शाम 5:25 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:05
- सूर्यास्त
- शाम 5:25
- तिथि
- अमावस्या · दोपहर 2:36 तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा · शाम 6:03 तक
- योग
- धृति
- करण
- नाग
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:08 – शाम 5:25
- यमगंड
- दोपहर 12:15 – दोपहर 1:33
- गुलिक काल
- दोपहर 2:50 – शाम 4:08
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
- अमृत काल
- दोपहर 12:54 – दोपहर 2:11
आज दिल्ली में
रवि, 14 दिसंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग धृति और करण नाग है। राहु काल शाम 4:08 – शाम 5:25 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 15 दिसंबर 2031 | प्रतिपदा | मूल | सुबह 8:23 – सुबह 9:40 |
| मंगल, 16 दिसंबर 2031 | द्वितीया | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 2:51 – शाम 4:09 |
| बुध, 17 दिसंबर 2031 | चतुर्थी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:17 – दोपहर 1:34 |
| गुरु, 18 दिसंबर 2031 | पंचमी | श्रवण | दोपहर 1:34 – दोपहर 2:52 |
| शुक्र, 19 दिसंबर 2031 | षष्ठी | धनिष्ठा | सुबह 11:00 – दोपहर 12:18 |
| शनि, 20 दिसंबर 2031 | सप्तमी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:43 – सुबह 11:01 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 14 दिसंबर 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; दोपहर 2:36 तक।
रवि, 14 दिसंबर 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; शाम 6:03 तक।
रवि, 14 दिसंबर 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल शाम 4:08 – शाम 5:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 14 दिसंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:05 और सूर्यास्त शाम 5:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।