दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, शनि, 20 दिसंबर 2031
शनि, 20 दिसंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 9:43 – सुबह 11:01 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:08
- सूर्यास्त
- शाम 5:28
- तिथि
- सप्तमी · शाम 6:13 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · रात 3:17 तक
- योग
- वज्र
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:43 – सुबह 11:01
- यमगंड
- दोपहर 1:35 – दोपहर 2:53
- गुलिक काल
- सुबह 7:08 – सुबह 8:26
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
- अमृत काल
- दोपहर 2:14 – दोपहर 3:32
आज दिल्ली में
शनि, 20 दिसंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 9:43 – सुबह 11:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 21 दिसंबर 2031 | अष्टमी | उत्तरा भाद्रपद | शाम 4:11 – शाम 5:28 |
| सोम, 22 दिसंबर 2031 | नवमी | रेवती | सुबह 8:27 – सुबह 9:44 |
| मंगल, 23 दिसंबर 2031 | दशमी | अश्विनी | दोपहर 2:54 – शाम 4:12 |
| बुध, 24 दिसंबर 2031 | एकादशी | भरणी | दोपहर 12:20 – दोपहर 1:37 |
| गुरु, 25 दिसंबर 2031 | द्वादशी | कृत्तिका | दोपहर 1:38 – दोपहर 2:55 |
| शुक्र, 26 दिसंबर 2031 | त्रयोदशी | कृत्तिका | सुबह 11:04 – दोपहर 12:21 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 20 दिसंबर 2031 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 6:13 तक।
शनि, 20 दिसंबर 2031 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 3:17 तक।
शनि, 20 दिसंबर 2031 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल सुबह 9:43 – सुबह 11:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 20 दिसंबर 2031 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:08 और सूर्यास्त शाम 5:28 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।