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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, मंगल, 12 नवंबर 2030

मंगल, 12 नवंबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र रोहिणी, योग वरीयान और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:47 – शाम 4:08 है।

सूर्योदय
सुबह 6:41
सूर्यास्त
शाम 5:29
तिथि
द्वितीया · दोपहर 1:52 तक
नक्षत्र
रोहिणी · रात 9:15 तक
योग
वरीयान
करण
गर
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:47 – शाम 4:08
यमगंड
सुबह 9:23 – सुबह 10:44
गुलिक काल
दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
अमृत काल
सुबह 8:42 – सुबह 10:03

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आज दिल्ली में

मंगल, 12 नवंबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र रोहिणी, योग वरीयान और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:47 – शाम 4:08 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 13 नवंबर 2030तृतीयामृगशिरादोपहर 12:05 – दोपहर 1:26
गुरु, 14 नवंबर 2030चतुर्थीआर्द्रादोपहर 1:26 – दोपहर 2:46
शुक्र, 15 नवंबर 2030पंचमीपुनर्वसुसुबह 10:45 – दोपहर 12:05
शनि, 16 नवंबर 2030षष्ठीपुनर्वसुसुबह 9:25 – सुबह 10:45
रवि, 17 नवंबर 2030सप्तमीपुष्यशाम 4:06 – शाम 5:26
सोम, 18 नवंबर 2030अष्टमीआश्लेषासुबह 8:05 – सुबह 9:26

सामान्य प्रश्न

मंगल, 12 नवंबर 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; दोपहर 1:52 तक।

मंगल, 12 नवंबर 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 9:15 तक।

मंगल, 12 नवंबर 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 2:47 – शाम 4:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 12 नवंबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 5:29 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।