दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, बुध, 13 नवंबर 2030
बुध, 13 नवंबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र मृगशिरा, योग परिघ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:41
- सूर्यास्त
- शाम 5:28
- तिथि
- तृतीया · शाम 4:34 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · रात 12:24 तक
- योग
- परिघ
- करण
- विष्टि
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26
- यमगंड
- सुबह 8:02 – सुबह 9:23
- गुलिक काल
- सुबह 10:44 – दोपहर 12:05
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- सुबह 10:04 – सुबह 11:24
आज दिल्ली में
बुध, 13 नवंबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र मृगशिरा, योग परिघ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 14 नवंबर 2030 | चतुर्थी | आर्द्रा | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:46 |
| शुक्र, 15 नवंबर 2030 | पंचमी | पुनर्वसु | सुबह 10:45 – दोपहर 12:05 |
| शनि, 16 नवंबर 2030 | षष्ठी | पुनर्वसु | सुबह 9:25 – सुबह 10:45 |
| रवि, 17 नवंबर 2030 | सप्तमी | पुष्य | शाम 4:06 – शाम 5:26 |
| सोम, 18 नवंबर 2030 | अष्टमी | आश्लेषा | सुबह 8:05 – सुबह 9:26 |
| मंगल, 19 नवंबर 2030 | नवमी | मघा | दोपहर 2:46 – शाम 4:06 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 13 नवंबर 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; शाम 4:34 तक।
बुध, 13 नवंबर 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 12:24 तक।
बुध, 13 नवंबर 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 13 नवंबर 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 5:28 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।