दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, मंगल, 30 जुलाई 2030
मंगल, 30 जुलाई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र पुष्य, योग हर्षण और करण नाग है। राहु काल दोपहर 3:50 – शाम 5:32 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:41
- सूर्यास्त
- रात 7:13
- तिथि
- अमावस्या · शाम 4:41 तक
- नक्षत्र
- पुष्य · रात 11:30 तक
- योग
- हर्षण
- करण
- नाग
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:50 – शाम 5:32
- यमगंड
- सुबह 9:04 – सुबह 10:45
- गुलिक काल
- दोपहर 12:27 – दोपहर 2:08
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- सुबह 8:13 – सुबह 9:55
आज दिल्ली में
मंगल, 30 जुलाई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र पुष्य, योग हर्षण और करण नाग है। राहु काल दोपहर 3:50 – शाम 5:32 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 31 जुलाई 2030 | प्रतिपदा | आश्लेषा | दोपहर 12:27 – दोपहर 2:08 |
| गुरु, 1 अगस्त 2030 | द्वितीया | मघा | दोपहर 2:08 – दोपहर 3:49 |
| शुक्र, 2 अगस्त 2030 | तृतीया | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 10:46 – दोपहर 12:27 |
| शनि, 3 अगस्त 2030 | चतुर्थी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 9:05 – सुबह 10:46 |
| रवि, 4 अगस्त 2030 | पंचमी | हस्त | शाम 5:29 – रात 7:09 |
| सोम, 5 अगस्त 2030 | षष्ठी | चित्रा | सुबह 7:25 – सुबह 9:05 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 30 जुलाई 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; शाम 4:41 तक।
मंगल, 30 जुलाई 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; रात 11:30 तक।
मंगल, 30 जुलाई 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल दोपहर 3:50 – शाम 5:32 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 30 जुलाई 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:41 और सूर्यास्त रात 7:13 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।