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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, गुरु, 14 मार्च 2030

गुरु, 14 मार्च 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:00 – दोपहर 3:29 है।

सूर्योदय
सुबह 6:32
सूर्यास्त
शाम 6:28
तिथि
दशमी · सुबह 6:07 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · सुबह 10:38 तक
योग
आयुष्मान
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:00 – दोपहर 3:29
यमगंड
सुबह 6:32 – सुबह 8:01
गुलिक काल
सुबह 9:31 – सुबह 11:01
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
अमृत काल
सुबह 11:45 – दोपहर 1:15

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आज दिल्ली में

गुरु, 14 मार्च 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:00 – दोपहर 3:29 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 15 मार्च 2030दशमीपुनर्वसुसुबह 11:00 – दोपहर 12:30
शनि, 16 मार्च 2030एकादशीपुष्यसुबह 9:30 – सुबह 11:00
रवि, 17 मार्च 2030द्वादशीआश्लेषाशाम 5:00 – शाम 6:30
सोम, 18 मार्च 2030चतुर्दशीमघासुबह 7:58 – सुबह 9:28
मंगल, 19 मार्च 2030पूर्णिमापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:30 – शाम 5:01
बुध, 20 मार्च 2030प्रतिपदाउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:28 – दोपहर 1:59

सामान्य प्रश्न

गुरु, 14 मार्च 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 6:07 तक।

गुरु, 14 मार्च 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 10:38 तक।

गुरु, 14 मार्च 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 2:00 – दोपहर 3:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 14 मार्च 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।