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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, शनि, 16 मार्च 2030

शनि, 16 मार्च 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुष्य, योग शोभन और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:30 – सुबह 11:00 है।

सूर्योदय
सुबह 6:30
सूर्यास्त
शाम 6:30
तिथि
एकादशी · सुबह 6:17 तक
नक्षत्र
पुष्य · दोपहर 12:35 तक
योग
शोभन
करण
विष्टि
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:30 – सुबह 11:00
यमगंड
दोपहर 2:00 – दोपहर 3:30
गुलिक काल
सुबह 6:30 – सुबह 8:00
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
अमृत काल
दोपहर 2:45 – शाम 4:15

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आज दिल्ली में

शनि, 16 मार्च 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुष्य, योग शोभन और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:30 – सुबह 11:00 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 17 मार्च 2030द्वादशीआश्लेषाशाम 5:00 – शाम 6:30
सोम, 18 मार्च 2030चतुर्दशीमघासुबह 7:58 – सुबह 9:28
मंगल, 19 मार्च 2030पूर्णिमापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:30 – शाम 5:01
बुध, 20 मार्च 2030प्रतिपदाउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:28 – दोपहर 1:59
गुरु, 21 मार्च 2030द्वितीयाहस्तदोपहर 1:59 – दोपहर 3:30
शुक्र, 22 मार्च 2030तृतीयास्वातीसुबह 10:56 – दोपहर 12:28

सामान्य प्रश्न

शनि, 16 मार्च 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 6:17 तक।

शनि, 16 मार्च 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; दोपहर 12:35 तक।

शनि, 16 मार्च 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल सुबह 9:30 – सुबह 11:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 16 मार्च 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:30 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।