दैनिक पंचांग
दिल्ली पंचांग, रवि, 24 फ़रवरी 2030
रवि, 24 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र विशाखा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:51 – शाम 6:17 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:51
- सूर्यास्त
- शाम 6:17
- तिथि
- सप्तमी · रात 8:27 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · शाम 4:19 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- विष्टि
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:51 – शाम 6:17
- यमगंड
- दोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
- गुलिक काल
- दोपहर 3:26 – शाम 4:51
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
- अमृत काल
- दोपहर 1:17 – दोपहर 2:43
आज दिल्ली में
रवि, 24 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र विशाखा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:51 – शाम 6:17 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 25 फ़रवरी 2030 | अष्टमी | अनुराधा | सुबह 8:16 – सुबह 9:42 |
| मंगल, 26 फ़रवरी 2030 | नवमी | ज्येष्ठा | दोपहर 3:26 – शाम 4:52 |
| बुध, 27 फ़रवरी 2030 | दशमी | मूल | दोपहर 12:34 – दोपहर 2:00 |
| गुरु, 28 फ़रवरी 2030 | एकादशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:27 |
| शुक्र, 1 मार्च 2030 | द्वादशी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 11:06 – दोपहर 12:33 |
| शनि, 2 मार्च 2030 | त्रयोदशी | श्रवण | सुबह 9:39 – सुबह 11:06 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 24 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 8:27 तक।
रवि, 24 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; शाम 4:19 तक।
रवि, 24 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?
दिल्ली में राहु काल शाम 4:51 – शाम 6:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 24 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:51 और सूर्यास्त शाम 6:17 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।