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दैनिक पंचांग

दिल्ली पंचांग, मंगल, 26 फ़रवरी 2030

मंगल, 26 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:49 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग हर्षण और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:52 है।

सूर्योदय
सुबह 6:49
सूर्यास्त
शाम 6:18
तिथि
नवमी · शाम 4:49 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · दोपहर 2:00 तक
योग
हर्षण
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:26 – शाम 4:52
यमगंड
सुबह 9:41 – सुबह 11:08
गुलिक काल
दोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
अमृत काल
सुबह 8:58 – सुबह 10:24

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आज दिल्ली में

मंगल, 26 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:49 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग हर्षण और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:52 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

दिल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 27 फ़रवरी 2030दशमीमूलदोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
गुरु, 28 फ़रवरी 2030एकादशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 2:00 – दोपहर 3:27
शुक्र, 1 मार्च 2030द्वादशीउत्तराषाढ़ासुबह 11:06 – दोपहर 12:33
शनि, 2 मार्च 2030त्रयोदशीश्रवणसुबह 9:39 – सुबह 11:06
रवि, 3 मार्च 2030चतुर्दशीधनिष्ठाशाम 4:54 – शाम 6:22
सोम, 4 मार्च 2030अमावस्याशतभिषासुबह 8:10 – सुबह 9:38

सामान्य प्रश्न

मंगल, 26 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; शाम 4:49 तक।

मंगल, 26 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; दोपहर 2:00 तक।

मंगल, 26 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में राहु काल कब है?

दिल्ली में राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 26 फ़रवरी 2030 को दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:49 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।