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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, सोम, 17 दिसंबर 2029

सोम, 17 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र भरणी, योग परिघ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 8:59 है।

सूर्योदय
सुबह 6:15
सूर्यास्त
शाम 5:10
तिथि
द्वादशी · रात 9:55 तक
नक्षत्र
भरणी · रात 11:46 तक
योग
परिघ
करण
बव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:37 – सुबह 8:59
यमगंड
सुबह 10:20 – सुबह 11:42
गुलिक काल
दोपहर 1:04 – दोपहर 2:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:15 – दोपहर 12:03
अमृत काल
सुबह 6:56 – सुबह 8:18

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आज भुवनेश्वर में

सोम, 17 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र भरणी, योग परिघ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 8:59 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 18 दिसंबर 2029त्रयोदशीकृत्तिकादोपहर 2:26 – दोपहर 3:48
बुध, 19 दिसंबर 2029चतुर्दशीरोहिणीसुबह 11:43 – दोपहर 1:05
गुरु, 20 दिसंबर 2029पूर्णिमामृगशिरादोपहर 1:06 – दोपहर 2:27
शुक्र, 21 दिसंबर 2029प्रतिपदामृगशिरासुबह 10:22 – सुबह 11:44
शनि, 22 दिसंबर 2029प्रतिपदाआर्द्रासुबह 9:01 – सुबह 10:23
रवि, 23 दिसंबर 2029द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:51 – शाम 5:12

सामान्य प्रश्न

सोम, 17 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 9:55 तक।

सोम, 17 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; रात 11:46 तक।

सोम, 17 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 8:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 17 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 5:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।