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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, बुध, 19 दिसंबर 2029

बुध, 19 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र रोहिणी, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 11:43 – दोपहर 1:05 है।

सूर्योदय
सुबह 6:16
सूर्यास्त
शाम 5:10
तिथि
चतुर्दशी · रात 2:30 तक
नक्षत्र
रोहिणी · तड़के 5:12 तक
योग
सिद्ध
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:43 – दोपहर 1:05
यमगंड
सुबह 7:38 – सुबह 9:00
गुलिक काल
सुबह 10:21 – सुबह 11:43
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:16 – दोपहर 12:04
अमृत काल
सुबह 9:41 – सुबह 11:02

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आज भुवनेश्वर में

बुध, 19 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र रोहिणी, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 11:43 – दोपहर 1:05 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 20 दिसंबर 2029पूर्णिमामृगशिरादोपहर 1:06 – दोपहर 2:27
शुक्र, 21 दिसंबर 2029प्रतिपदामृगशिरासुबह 10:22 – सुबह 11:44
शनि, 22 दिसंबर 2029प्रतिपदाआर्द्रासुबह 9:01 – सुबह 10:23
रवि, 23 दिसंबर 2029द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:51 – शाम 5:12
सोम, 24 दिसंबर 2029तृतीयापुष्यसुबह 7:40 – सुबह 9:02
मंगल, 25 दिसंबर 2029चतुर्थीआश्लेषादोपहर 2:30 – दोपहर 3:52

सामान्य प्रश्न

बुध, 19 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 2:30 तक।

बुध, 19 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; तड़के 5:12 तक।

बुध, 19 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 11:43 – दोपहर 1:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 19 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:16 और सूर्यास्त शाम 5:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।