दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, शुक्र, 14 सितंबर 2029
शुक्र, 14 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र अनुराधा, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 10:10 – सुबह 11:42 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:33
- सूर्यास्त
- शाम 5:50
- तिथि
- सप्तमी · रात 7:45 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · सुबह 10:56 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- गर
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:10 – सुबह 11:42
- यमगंड
- दोपहर 2:46 – शाम 4:18
- गुलिक काल
- सुबह 7:05 – सुबह 8:37
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:11 – सुबह 11:59
- अमृत काल
- दोपहर 12:28 – दोपहर 2:00
आज भुवनेश्वर में
शुक्र, 14 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र अनुराधा, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 10:10 – सुबह 11:42 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 15 सितंबर 2029 | अष्टमी | ज्येष्ठा | सुबह 8:37 – सुबह 10:09 |
| रवि, 16 सितंबर 2029 | नवमी | मूल | शाम 4:16 – शाम 5:48 |
| सोम, 17 सितंबर 2029 | दशमी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 7:06 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 18 सितंबर 2029 | एकादशी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 2:43 – शाम 4:15 |
| बुध, 19 सितंबर 2029 | द्वादशी | श्रवण | सुबह 11:40 – दोपहर 1:11 |
| गुरु, 20 सितंबर 2029 | त्रयोदशी | धनिष्ठा | दोपहर 1:11 – दोपहर 2:42 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 14 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 7:45 तक।
शुक्र, 14 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; सुबह 10:56 तक।
शुक्र, 14 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 10:10 – सुबह 11:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 14 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:33 और सूर्यास्त शाम 5:50 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।