दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, सोम, 17 सितंबर 2029
सोम, 17 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल सुबह 7:06 – सुबह 8:37 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:34
- सूर्यास्त
- शाम 5:47
- तिथि
- दशमी · शाम 5:14 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · सुबह 9:59 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- गर
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:06 – सुबह 8:37
- यमगंड
- सुबह 10:09 – सुबह 11:41
- गुलिक काल
- दोपहर 1:12 – दोपहर 2:44
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:10 – सुबह 11:58
- अमृत काल
- सुबह 6:20 – सुबह 7:51
आज भुवनेश्वर में
सोम, 17 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल सुबह 7:06 – सुबह 8:37 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 18 सितंबर 2029 | एकादशी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 2:43 – शाम 4:15 |
| बुध, 19 सितंबर 2029 | द्वादशी | श्रवण | सुबह 11:40 – दोपहर 1:11 |
| गुरु, 20 सितंबर 2029 | त्रयोदशी | धनिष्ठा | दोपहर 1:11 – दोपहर 2:42 |
| शुक्र, 21 सितंबर 2029 | चतुर्दशी | शतभिषा | सुबह 10:08 – सुबह 11:39 |
| शनि, 22 सितंबर 2029 | पूर्णिमा | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 8:37 – सुबह 10:08 |
| रवि, 23 सितंबर 2029 | प्रतिपदा | उत्तरा भाद्रपद | शाम 4:11 – शाम 5:42 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 17 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; शाम 5:14 तक।
सोम, 17 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; सुबह 9:59 तक।
सोम, 17 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 7:06 – सुबह 8:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 17 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त शाम 5:47 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।