दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, गुरु, 18 मई 2034
गुरु, 18 मई 2034 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:37 पर और सूर्यास्त शाम 6:55 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या है, जो सुबह 8:43 तक रहेगी, और नक्षत्र कृत्तिका है, जो रात 7:50 तक रहेगा। योग सौभाग्य और करण नाग है। राहु काल दोपहर 1:56 – दोपहर 3:36 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:37
- सूर्यास्त
- शाम 6:55
- तिथि
- अमावस्या · सुबह 8:43 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · रात 7:50 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- नाग
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:56 – दोपहर 3:36
- यमगंड
- तड़के 5:37 – सुबह 7:17
- गुलिक काल
- सुबह 8:57 – सुबह 10:37
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
- अमृत काल
- सुबह 11:27 – दोपहर 1:06
आज भोपाल में
गुरु, 18 मई 2034 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:37 पर और सूर्यास्त शाम 6:55 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या है, जो सुबह 8:43 तक रहेगी, और नक्षत्र कृत्तिका है, जो रात 7:50 तक रहेगा। योग सौभाग्य और करण नाग है। राहु काल दोपहर 1:56 – दोपहर 3:36 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 19 मई 2034 | द्वितीया | रोहिणी | सुबह 10:37 – दोपहर 12:16 |
| शनि, 20 मई 2034 | तृतीया | मृगशिरा | सुबह 8:57 – सुबह 10:37 |
| रवि, 21 मई 2034 | चतुर्थी | आर्द्रा | शाम 5:17 – शाम 6:57 |
| सोम, 22 मई 2034 | पंचमी | पुनर्वसु | सुबह 7:16 – सुबह 8:56 |
| मंगल, 23 मई 2034 | षष्ठी | पुष्य | दोपहर 3:37 – शाम 5:18 |
| बुध, 24 मई 2034 | सप्तमी | आश्लेषा | दोपहर 12:17 – दोपहर 1:57 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 18 मई 2034 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 8:43 तक।
गुरु, 18 मई 2034 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 7:50 तक।
गुरु, 18 मई 2034 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल दोपहर 1:56 – दोपहर 3:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 18 मई 2034 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:37 और सूर्यास्त शाम 6:55 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।