सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, गुरु, 30 मार्च 2034

गुरु, 30 मार्च 2034 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:14 पर और सूर्यास्त शाम 6:35 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि एकादशी है, जो शाम 6:07 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 10:48 तक रहेगा। योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:30 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

सूर्योदय
सुबह 6:14
सूर्यास्त
शाम 6:35
तिथि
एकादशी · शाम 6:07 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · रात 10:48 तक
योग
सुकर्मा
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:57 – दोपहर 3:30
यमगंड
सुबह 6:14 – सुबह 7:47
गुलिक काल
सुबह 9:19 – सुबह 10:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
सुबह 11:38 – दोपहर 1:11

पूरा पंचांग खोलें

आज भोपाल में

गुरु, 30 मार्च 2034 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:14 पर और सूर्यास्त शाम 6:35 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि एकादशी है, जो शाम 6:07 तक रहेगी, और नक्षत्र आश्लेषा है, जो रात 10:48 तक रहेगा। योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:30 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 31 मार्च 2034द्वादशीमघासुबह 10:52 – दोपहर 12:24
शनि, 1 अप्रैल 2034त्रयोदशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:18 – सुबह 10:51
रवि, 2 अप्रैल 2034चतुर्दशीउत्तरा फाल्गुनीशाम 5:03 – शाम 6:36
सोम, 3 अप्रैल 2034पूर्णिमाहस्तसुबह 7:44 – सुबह 9:17
मंगल, 4 अप्रैल 2034प्रतिपदाहस्तदोपहर 3:30 – शाम 5:03
बुध, 5 अप्रैल 2034द्वितीयाचित्रादोपहर 12:23 – दोपहर 1:56

सामान्य प्रश्न

गुरु, 30 मार्च 2034 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 6:07 तक।

गुरु, 30 मार्च 2034 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 10:48 तक।

गुरु, 30 मार्च 2034 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 30 मार्च 2034 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:14 और सूर्यास्त शाम 6:35 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।