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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, गुरु, 30 अगस्त 2029

गुरु, 30 अगस्त 2029 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र भरणी, योग वृद्धि और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:55 – दोपहर 3:30 है।

सूर्योदय
सुबह 6:01
सूर्यास्त
शाम 6:39
तिथि
षष्ठी · शाम 6:42 तक
नक्षत्र
भरणी · रात 9:42 तक
योग
वृद्धि
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:55 – दोपहर 3:30
यमगंड
सुबह 6:01 – सुबह 7:36
गुलिक काल
सुबह 9:11 – सुबह 10:46
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
सुबह 11:33 – दोपहर 1:08

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आज भोपाल में

गुरु, 30 अगस्त 2029 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र भरणी, योग वृद्धि और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:55 – दोपहर 3:30 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 31 अगस्त 2029सप्तमीकृत्तिकासुबह 10:45 – दोपहर 12:20
शनि, 1 सितंबर 2029अष्टमीरोहिणीसुबह 9:11 – सुबह 10:45
रवि, 2 सितंबर 2029नवमीमृगशिराशाम 5:02 – शाम 6:36
सोम, 3 सितंबर 2029दशमीआर्द्रासुबह 7:37 – सुबह 9:11
मंगल, 4 सितंबर 2029एकादशीआर्द्रादोपहर 3:27 – शाम 5:00
बुध, 5 सितंबर 2029द्वादशीपुनर्वसुदोपहर 12:18 – दोपहर 1:52

सामान्य प्रश्न

गुरु, 30 अगस्त 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 6:42 तक।

गुरु, 30 अगस्त 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; रात 9:42 तक।

गुरु, 30 अगस्त 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल दोपहर 1:55 – दोपहर 3:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 30 अगस्त 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त शाम 6:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।