दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, बुध, 5 सितंबर 2029
बुध, 5 सितंबर 2029 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:18 – दोपहर 1:52 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:33
- तिथि
- द्वादशी · रात 11:31 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · सुबह 6:07 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- कौलव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:18 – दोपहर 1:52
- यमगंड
- सुबह 7:37 – सुबह 9:11
- गुलिक काल
- सुबह 10:45 – दोपहर 12:18
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
- अमृत काल
- सुबह 9:58 – सुबह 11:31
आज भोपाल में
बुध, 5 सितंबर 2029 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:18 – दोपहर 1:52 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 6 सितंबर 2029 | त्रयोदशी | पुष्य | दोपहर 1:52 – दोपहर 3:25 |
| शुक्र, 7 सितंबर 2029 | चतुर्दशी | मघा | सुबह 10:44 – दोपहर 12:18 |
| शनि, 8 सितंबर 2029 | अमावस्या | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 9:11 – सुबह 10:44 |
| रवि, 9 सितंबर 2029 | प्रतिपदा | उत्तरा फाल्गुनी | शाम 4:56 – शाम 6:29 |
| सोम, 10 सितंबर 2029 | द्वितीया | हस्त | सुबह 7:38 – सुबह 9:11 |
| मंगल, 11 सितंबर 2029 | तृतीया | चित्रा | दोपहर 3:22 – शाम 4:55 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 5 सितंबर 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 11:31 तक।
बुध, 5 सितंबर 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; सुबह 6:07 तक।
बुध, 5 सितंबर 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल दोपहर 12:18 – दोपहर 1:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 5 सितंबर 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:33 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।