दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, बुध, 20 जून 2029
बुध, 20 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग व्यतीपात और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:21 – दोपहर 2:03 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:34
- सूर्यास्त
- रात 7:08
- तिथि
- नवमी · रात 11:52 तक
- नक्षत्र
- हस्त · रात 11:42 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- बालव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:21 – दोपहर 2:03
- यमगंड
- सुबह 7:16 – सुबह 8:58
- गुलिक काल
- सुबह 10:40 – दोपहर 12:21
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- सुबह 9:49 – सुबह 11:31
आज भोपाल में
बुध, 20 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग व्यतीपात और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:21 – दोपहर 2:03 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 21 जून 2029 | दशमी | चित्रा | दोपहर 2:03 – दोपहर 3:45 |
| शुक्र, 22 जून 2029 | एकादशी | स्वाती | सुबह 10:40 – दोपहर 12:22 |
| शनि, 23 जून 2029 | द्वादशी | विशाखा | सुबह 8:59 – सुबह 10:40 |
| रवि, 24 जून 2029 | त्रयोदशी | अनुराधा | शाम 5:28 – रात 7:09 |
| सोम, 25 जून 2029 | चतुर्दशी | ज्येष्ठा | सुबह 7:17 – सुबह 8:59 |
| मंगल, 26 जून 2029 | पूर्णिमा | मूल | दोपहर 3:46 – शाम 5:28 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 20 जून 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 11:52 तक।
बुध, 20 जून 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 11:42 तक।
बुध, 20 जून 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल दोपहर 12:21 – दोपहर 2:03 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 20 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त रात 7:08 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।