दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, सोम, 25 जून 2029
सोम, 25 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:17 – सुबह 8:59 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:36
- सूर्यास्त
- रात 7:09
- तिथि
- चतुर्दशी · सुबह 10:55 तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा · दोपहर 2:50 तक
- योग
- साध्य
- करण
- वणिज
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:17 – सुबह 8:59
- यमगंड
- सुबह 10:41 – दोपहर 12:23
- गुलिक काल
- दोपहर 2:04 – दोपहर 3:46
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
- अमृत काल
- सुबह 6:26 – सुबह 8:08
आज भोपाल में
सोम, 25 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:17 – सुबह 8:59 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 26 जून 2029 | पूर्णिमा | मूल | दोपहर 3:46 – शाम 5:28 |
| बुध, 27 जून 2029 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:23 – दोपहर 2:05 |
| गुरु, 28 जून 2029 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 2:05 – दोपहर 3:46 |
| शुक्र, 29 जून 2029 | तृतीया | श्रवण | सुबह 10:42 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 30 जून 2029 | चतुर्थी | धनिष्ठा | सुबह 9:00 – सुबह 10:42 |
| रवि, 1 जुलाई 2029 | पंचमी | शतभिषा | शाम 5:28 – रात 7:10 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 25 जून 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; सुबह 10:55 तक।
सोम, 25 जून 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; दोपहर 2:50 तक।
सोम, 25 जून 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल सुबह 7:17 – सुबह 8:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 25 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:36 और सूर्यास्त रात 7:09 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।